Tuesday, March 9, 2010
vande matram
हाँ तो मेरा कहना है जो ना गायें वन्दे मातरम वह देश का गद्दार है। और आप ही बताईये गद्दार क्यों ना कहा जाये उसे। अरे जरा अपनी आँखे और दिमाग खोलो ध्यान से सूनों, जिस देश में रहते हो जहाँ की खाते हो जहाँ की पहनते हो, जिस देश नें तुम्हे सर ढकने के लिए छत और सोने के लिए जमीन दी , उसको समर्पित दो शब्द कहने की बारी आयी तो ये कहके इंकार करना कि ये धर्म विरोधी है। तो एक बार फिर मैं कहता हूँ ऐसे लोगो को डुब मरना चाहिए वहाँ जहाँ सुखा पड़ा हो, चूल्लु भर पानी भी ज्यादा है इनके लिए। मैं ये नहीं कहता कि ये बस मुस्लिम पर लागू हो, बल्कि हर उस शख्स के लिए जो भारत माता को इज्जत देने से इंकार करता हो। ये बात ठिक है कि आपके धर्म में मुर्ति पूजन नहीं माना जाता तो आप पूजा ना करिए, उसके लिए आपसे कोई जोर जबरजस्ती नहीं कर रहा है, लेकिन ये कहना की ये धर्म विरोधी है तनिक भी ठिक ना होगा। बात साफ है हो सकता बहुत दिनों से बहुत से लोग इस गान का विरोध कर रहे हों, लेकिन प्रत्यक्ष रुप से अब हो रहा है। ये भी ठीक है कि वन्दे मातरम कहने मात्र से कोई देशभक्त नहीं बन जाता , आप देश में रहकर देश के लिए कुछ भी भला मत करिये, लेकिन जैसे ही आप देश के विरोध में कुछ करेंगे तो आपको देशद्रोही तो कहा ही जायेगा। अगर देश के लिए कुछ कर नहीं सकते तो कम से कम उसका विरोध मत करिये।
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