दुःख की लहर ने छेड़ा होगा
याद में कंकड़ फेंका होगा
आज तो मेरा दिल कहता है
वो इस वक़्त अकेला होगा
मैं आज बहुत रोया हूँ
तू भी शायद रोया होगा
मेरे चूमे हुए हाथो से
औरो को ख़त लिखता होगा
मेरे दोस्त शाम का एक तारा
तुझसे आँखे मिलाता होगा
यादों की जलती हुई शबनम से,
फूलों सा मुखड़ा धोया होगा
हर्ष तेरा आशिक पुराना
तुझको याद तो आता होगा
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