Friday, March 11, 2011

purani yaad

दुःख की लहर ने छेड़ा होगा
याद में कंकड़ फेंका होगा
आज तो मेरा दिल कहता है
वो इस वक़्त अकेला होगा
मैं आज बहुत रोया हूँ
तू भी शायद रोया होगा
मेरे चूमे हुए हाथो से
औरो को ख़त लिखता होगा
मेरे दोस्त शाम का एक तारा
तुझसे आँखे मिलाता होगा
यादों की जलती हुई शबनम से,
फूलों सा मुखड़ा धोया होगा
हर्ष तेरा आशिक पुराना
तुझको याद तो आता होगा

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